उन समस्याओ को
लो पीछे छोड़ आया में,
उन परेशानियों को
लो पीछे छोड़ आया में,
उन अपेक्षाओ को
लो पीछे छोड़ आया में,
भूतकाल एवं भविष्य की चिन्ताओ को
कुछ दिन जीना है मुझे,
कुछ दिन खुशीसे जाम पीना है मुझे
ना रोकना ए यारो मेरी तम्मनाओ को,
बड़ी मुश्किल से परो को खोला है इन्होंने
तुम्हारे साथ बीताए इन चंद लम्हों को,
समेट कर ले जाऊंगा
तुम्हारे साथ बिताई रातो को,
अंधेरो में दियों की भाति जलाऊंगा
खुदा ना करे कर चमक कम हो गई तुम्हारी,
तब जुगनुओ की तरह दीपक बन जाऊंगा
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